दुनिया का सबसे महंगा कीड़ा… वजन 5 ग्राम और कीमत 75 लाख, जानें क्यों स्टैग बीटल के दीवाने हैं लोग

निया का सबसे महंगा कीड़ा... वजन 5 ग्राम और कीमत 75 लाख, जानें क्यों स्टैग बीटल के दीवाने हैं लोग

दुनिया का सबसे महंगा कीड़ा… वजन 5 ग्राम और कीमत 75 लाख, जानें क्यों स्टैग बीटल के दीवाने हैं लोग:

स्टैग बीटल दुर्लभ कीड़ों के दायरे में आता है। इसे दुनिया का सबसे महंगा कीट समझा जाता है। गर्म और उष्णकटिबंधीय जलवायु में पनपने वाले ये कीट न केवल अपनी दुर्लभता के लिए बेशकीमती हैं और अच्छे भाग्य का प्रतीक माने जाते हैं। इनके होने से घर में धन आता है।

हाइलाइट्स

  • स्टैग बीटल है दुनिया का सबसे महंगा कीट
  • गर्म और उष्णकटिबंधीय जलवायु में होता है
  • लोग स्टैग के मानते हैं अच्छे भाग्य का प्रतीक
निया का सबसे महंगा कीड़ा... वजन 5 ग्राम और कीमत 75 लाख, जानें क्यों स्टैग बीटल के दीवाने हैं लोग
लोग इस कीड़े का घर में होना शुभ मानते हैं।(Image from NBT)

लंदन: दुनियाभर में लोग घरों से कीड़ों को मारने के लिए कई तरह के तरीके अपनाते हैं लेकिन एक कीट ऐसा भी है जिसे लोग ना सिर्फ घर में रखना चाहते हैं बल्कि ऊंची कीमत में खरीदते भी है। इस कीट का नाम स्टैग बीटल है और ये दुनिया के सबसे महंगे कीटों में से एक है। एक स्टैग बीटल की कीमत 75 लाख रुपए तक होती है। स्टैग बीटल की खासियत इनको इतना महंगा बनाती हैं। ये काफी दुर्लभ हैं और इनका उपयोग दवाईयों में भी किया जाता है। वहीं इसे लोग लकी चार्म भी मानते हैं। बहुत से लोग मानते हैं कि स्टैग बीटल घर में रखने से आप रातों-रात अमीर बना जा सकता है। ऐसे में इसे किसी भी कीमत पर खरीदने को तैयार रहते हैं।साइंटिफिक डेटा जर्नल में पब्लिश एक रिसर्च में कहा गया है कि ये कीट वन पारिस्थितिकी तंत्र में महत्वपूर्ण सैप्रॉक्सिलिक समूह के प्रतिनिधि हैं। लंदन स्थित नेचुरल हिस्ट्री म्यूजियम के अनुसार स्टैग बीटल का वजन 2 से 6 ग्राम के बीच होता है और इनका औसत जीवनकाल 3 से 7 साल तक होता है। नर स्टैग बीटल 35-75 मिमी लंबे होते हैं और मादा 30-50 मिमी लंबी होती है। ये अपने बढ़े हुए जबड़े और नर बहुरूपता के लिए जाने जाते हैं।

कहां मिलते हैं स्टैग बीटल?

स्टैग बीटल गर्म, उष्णकटिबंधीय वातावरण में पनपते हैं और ठंडे तापमान के प्रति संवेदनशील होते हैं। वे स्वाभाविक रूप से वुडलैंड्स में रहते हैं, लेकिन हेजरो, पारंपरिक बागों और शहरी क्षेत्रों जैसे पार्कों और बगीचों में भी पाए जा सकते हैं, जहां सूखी लकड़ी बड़ी तादाद में होती है। स्टैग बीटल के लार्वा मृत लकड़ी पर भोजन करते हैं, अपने तीखे जबड़े का उपयोग करके रेशेदार सतह से छींटे निकालते हैं। चूंकि वे विशेष रूप से मृत लकड़ी खाते हैं, इसलिए स्टैग बीटल जीवित पेड़ों या झाड़ियों के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करते हैं। इससे वे स्वस्थ वनस्पतियों के लिए अच्छे होते हैं।

स्टैग बीटल का नाम नर बीटल पर पाए जाने वाले विशिष्ट जबड़े से लिया गया है, जो हिरण के सींग जैसा दिखता है। नर स्टैग बीटल प्रजनन के मौसम में मादाओं के साथ संभोग करने के अवसर के लिए एक दूसरे से लड़ने के लिए अपने विशिष्ट, सींग जैसे जबड़े का उपयोग करते हैं। स्टैग बीटल की दुर्लभता, पारिस्थितिक महत्व और सांस्कृतिक मान्यताओं का संयोजन इनको अत्यधिक मूल्यवान बना देता है, जो उन्हें बाजार में इनकी कीमत लाखों में पहुंचाता है।

Author: naruv

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